बरसात

रीमझीम रीमझीम बरसते बादल
सारे बच्चे हो जाते पागल |
डालते है जो बौछार बूंदोकी
लगता है नरम गोले फूलोंकी |
पावन हो जाती है धरती
तेज हो जाती है खुशीयोंकी बत्ती |
कितना सुंदर है ये खुशीयों का आँचल
रीमझीम रीमझीम बरसते बादल ||

कितनी चीजें

इस दुनियामें चीजें हैं कितनी
कितने पल हैं जो कल थे |
आ गये जिन्हे आना था और चले गये जिन्हे था जाना
आते जाते रास्तो पे चलना है कितनी दूर |
चलते चलते शायद मिल जाये कोइ हीरा या कोहीनूर
जानो ना तुम चीजो को कि है तुम्हारे पास कितनी,
ये है किस्मत का खेल जो है रहे वो उतनी ||