शिंदे साहब, शीला मैडम ! सोनिया जी कि चिट्ठी मिली क्या?

मित्रों, पिछले दिनों दिल्ली में हुई बलात्कार कि घटना के संदर्भ में जब सोनिया जी ने, कांग्रेस अध्यक्षा के नाते, अपनी ही पार्टी के केंद्रीय गृह मंत्री और एक राज्य – दिल्ली – कि मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखी तो मेरे मन में स्वाभाविक रूप से कुछ विचार आये जो आपके समक्ष रखता हूँ. इसमें कोई दुर्भावना नहीं है, भावना यही है कि ‘बलात्कार’ जैसे अपराधिक मामलों में कडा कानून बने और उनका निपटारा – आरोपियों को सज़ा दिलवाना – जल्द से जल्द हो.

‘चिट्ठी’ इस शब्द से मुझे बचपन से ही बहोत आकर्षण रहा है, और आज भी जब कभी मैं अपने कार्यालय से या बाहर से घर बात करता हूँ, तो ये जरूर पूछता हूँ के ‘आज कोई डाक आयी क्या?’.

लेकिन जब सोनिया जी ने एक गंभीर घटना को लेकर चिट्ठी लिखी तो, सबसे पहले तो ये विचार आया के आज के ‘समस’, ईमेल, मोबाइल या ‘ब्लैक-बेरी’ के ज़माने मे उन्होंने चिट्ठी क्यों लिखी. वैसे पिछले कई सालों से कई मामलों में वे चिट्ठियाँ लिखती आ रही हैं, अब सवाल ये है कि आजतक उन्होंने जो भी चिट्ठियाँ लिखी वो सामनेवाले को मिली क्या? अगर मिली, तो उस पर क्या कार्रवाई हुई? , क्योंकि जिसको चिट्ठी लिखी जाती है वो कभी बताता नहीं कि ‘हाँ, मुझे मैडम जी कि चिट्ठी प्राप्त हुई , और मैंने इस पर ये कदम उठाया या मैंने ये अमुक अमुक चीजें कि जो कि समस्या का समाधान करेंगी, या फिर समस्या को कम करेंगी, या फिर समस्या से छुटकारा दिलाएगी!’
अगर कारवाई हुई है तो ये हमारे लिए सौभाग्य कि बात है, और नहीं हुई तो कहीं ऐसा न हो कि आज तक उन्होंने कितनी चिट्ठियाँ लिखी और उन चिट्ठियों का क्या क्या हुआ , इसकी भी जानकारी कहीं हमें ‘आर टी आई’ से ना लेनी पड़े?
आशा है कांग्रेस वाले अपनी पार्टी अध्यक्षा कि ‘चिट्ठी/या चिट्ठियों’ पर जल्द से जल्द कुछ ‘फीडबैक’ भारतीय जनता को देंगे और जनता को अपने (इन चिट्ठियों से सम्बंधित) किये गए कार्यों कि जानकारी देंगे.

वैसे इस सब माहौल में आशा कि किरण यही है कि अब जनता जागरूक हो गयी है और अपना विरोध दर्ज करने लगी है, वरना तो कई ऐसे मामले है जहां हर रोज इज्ज़त तार तार होती है और आम इंसान कीड़े मकौडों कि तरह मसला जाता है.

( अरे ….‘आरुशी हत्याकांड’ मामला सुलझ गया क्या?…., और वो जो बच्चों के नर कंकाल मिले थे उसमे किसी को सज़ा हुई क्या?, मुंबई में एक लड़की को बचाने में एक युवक कि जान गयी , उसमे गिरफ्तार लोगों को सज़ा होगी क्या?, पंजाब में एक पिता ने अपनी बेटी को बचाने में अपनी जान गंवाई वहाँ अपराधियों को सज़ा होगी क्या, उत्तर प्रदेश में लड़की को ज़िंदा जलाया था – दोषियों को सज़ा हुई क्या?, लड़कियों पर तेज़ाब फेंकने वाली कितनी घटनाओं में अपराधियों को सज़ा हुई?
…. सॉरी ! मैंने उन सभी जगह चिट्ठी (?) नहीं भेजी है ! )

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