बरसात

रीमझीम रीमझीम बरसते बादल
सारे बच्चे हो जाते पागल |
डालते है जो बौछार बूंदोकी
लगता है नरम गोले फूलोंकी |
पावन हो जाती है धरती
तेज हो जाती है खुशीयोंकी बत्ती |
कितना सुंदर है ये खुशीयों का आँचल
रीमझीम रीमझीम बरसते बादल ||

1 thought on “बरसात”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *